माहरी पीड़ हरो घनश्याम आज भजन लिरिक्स | Mahari Peed Haro Ghanshyam Aaj Lyrics In Hindi: खाटू श्याम बाबा की करुणा और भक्त की पुकार को दर्शाने वाला यह सुंदर भजन भक्तों के हृदय को भाव-विभोर कर देता है। “माहरी पीड़ हरो घनश्याम आज” भजन में एक भक्त अपने दुख, पीड़ा और जीवन की कठिनाइयों को श्याम बाबा के सामने रखकर उनसे सहायता और कृपा की विनती करता है। यह भजन विशेष रूप से खाटू श्याम भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है।
माहरी पीड़ हरो घनश्याम आज भजन लिरिक्स
तर्ज : कुण जाने या माया श्याम की
गायक : Shyam Salona
टेर
माहरी पीड़ हरो घनश्याम आज,
थाने आया सरसी जी,
था बिन दीनानाथ आंगली,
कुण पकड़सी जी॥
था बिन माहरे सिर पे बाबा,
कुण तो हाथ फिरावे है,
सगला मूंडो फेर के बैठाया,
कुण तो साथ निभावे है,
मझधारा सु बेड़ो कइयाँ,
पार उतरसी जी॥
माहरी हालत सेठ सांवरा,
थांसू कोन्या छानी रे,
एक बार थे पलक उघाड़ो,
देखों माहरे कानी रे,
थारे देख्या बिगड़ी माहरी,
श्याम सुधरसी जी॥
आंख्या स्यामी घोर अंधेरो,
कुछ ना सूझे आगे श्याम,
इब के होसी सोच सोच के,
माहने तो डर लागे श्याम,
हर्ष माहरे आगे को रस्तो,
श्याम ही करसी जी॥
माहरी पीड़ हरो घनश्याम आज…॥
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Singer & Lyrics Credit: Shyam Salona
Video Credit: Original YouTube Channel & Creator
Mahari Peed Haro Ghanshyam Aaj Lyrics In English
Mahari peed haro Ghanshyam aaj,
Thane aaya sarsi ji,
Tha bin Deenanath aangli,
Kun pakadsi ji.
Tha bin mahare sir pe Baba,
Kun to haath phirave hai,
Sagla mundo pher ke baithaya,
Kun to saath nibhave hai,
Majhdhara su bedo kaiyan,
Paar utarsi ji.
Mahari haalat Seth Sanwra,
Thansu konya chhani re,
Ek baar the palak ughado,
Dekho mahare kani re,
Thare dekhya bigdi mahari,
Shyam sudharsi ji.
माहरी पीड़ हरो घनश्याम आज भजन लिरिक्स का भावार्थ
यह भजन एक दुखी भक्त की श्याम बाबा के प्रति गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाता है। भक्त अपने जीवन की परेशानियों, अकेलेपन और भय को बाबा के सामने प्रकट करते हुए उनसे अपनी पीड़ा दूर करने की प्रार्थना करता है। भजन यह संदेश देता है कि जब दुनिया साथ छोड़ देती है, तब खाटू श्याम बाबा अपने भक्तों का सहारा बनते हैं और उनकी बिगड़ी बना देते हैं।
माहरी पीड़ हरो घनश्याम आज भजन लिरिक्स की विशेषता
“माहरी पीड़ हरो घनश्याम आज” भजन राजस्थानी भाषा की मिठास और श्याम भक्ति की गहराई से भरपूर है। संजय मित्तल जी की भावपूर्ण आवाज़ इस भजन को और भी अधिक हृदयस्पर्शी बनाती है। यह भजन सत्संग, भजन संध्या और खाटू श्याम कीर्तन में बड़े प्रेम से गाया जाता है।
माहरी पीड़ हरो घनश्याम आज भजन लिरिक्स FAQS
Q1. माहरी पीड़ हरो घनश्याम आज भजन लिरिक्स किस भगवान को समर्पित है?
यह भजन खाटू श्याम बाबा को समर्पित है।
Q2. इस भजन के गायक कौन हैं?
इस भजन को प्रसिद्ध भजन गायक Shyam Salona जी ने गाया है।
Q3. यह भजन किस भावना को दर्शाता है?
यह भजन भक्त की पीड़ा, विश्वास और श्याम बाबा से सहायता की प्रार्थना को दर्शाता है।
Q4. यह भजन कहां गाया जाता है?
माहरी पीड़ हरो घनश्याम आज भजन लिरिक्स खाटू श्याम कीर्तन, सत्संग और भजन संध्या में गाया जाता है।











