सदा शिव सर्व वारदाता हिंदी भजन लिरिक्स : शिव भजन भगवान भोलेनाथ की महिमा, करुणा और उनके दिव्य स्वरूप का वर्णन करता है। भजन में शिव जी को भक्तों के दुख हरने वाले, दयालु, विषपान करने वाले और त्रिपुरारी रूप में याद किया गया है। यह भजन शिव भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है।
सदा शिव सर्व वारदाता हिंदी भजन लिरिक्स
सदा शिव सर्व वारदाता,
दिगंबर हो तो ऐसा हो।। टेर।।
सदा शिव सर्व वारदाता,
दिगंबर हो तो ऐसा हो,
हरे सब दुख भक्तन के,
दयाकर हो तो ऐसा हो।।1।।
शिखर कैलाश के ऊपर,
कल्पतरुवों की छाया में,
रमे नित संग गिरिजा के,
रमण घर हो तो ऐसा हो।।2।।
शीश पर गंगकी धारा,
सुहावे भाल में लोचन,
कला मस्तक में चंदर की,
मनोहर हो तो ऐसा हो।।3।।
भयंकर जहर जब निकला,
क्षीर सागर के मंथन से,
धरा सब कंठ में पीकर,
विषधर हो तो ऐसा हो।।4।।
सिरों को काटकर अपने,
किया तब होम रावण ने,
दिया सब राज्य दुनिया का,
दिलावर हो तो ऐसा हो।।5।।
किया नंदी ने जा बन में,
कठिन तप काल के डर से,
बनाया ख़ास गण अपना,
अमरकर हो तो ऐसा हो।।6।।
बनाए बीच सागर में,
तीन पुर दैत्य सेना ने,
उड़ाए एक ही शर से,
त्रिपुरहर हो तो ऐसा हो।।7।।
दक्ष के यज्ञ में जाकर,
तजी जब देह गिरिजा ने,
किया सब ध्वंस पलभर में,
भयंकर हो तो ऐसा हो।।8।।
देव नर दैत्य गण सारे,
जपें नित नाम शंकर का,
वो ब्रम्हानंद दुनिया में,
उजागर हो तो ऐसा हो।।9।।
Singer: Dhiraj Kant
प्रेषक : हर्षिता (जयपुर)
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Sada Shiv Sarv Vardata Lyrics in Hindi
Sada Shiv sarv vardata,
Digambar ho to aisa ho.
Hare sab dukh bhaktan ke,
Dayakar ho to aisa ho.
Shikhar Kailash ke upar,
Kalpataruvon ki chhaya mein,
Rame nit sang Girija ke,
Raman ghar ho to aisa ho.
Sheesh par Gang ki dhara,
Suhave bhaal mein lochan,
Kala mastak mein chandar ki,
Manohar ho to aisa ho.
Bhayankar jahar jab nikla,
Ksheer saagar ke manthan se,
Dhara sab kanth mein peekar,
Vishdhar ho to aisa ho.
सदा शिव सर्व वारदाता हिंदी भजन लिरिक्स का अर्थ
इस भजन में भगवान शिव के विभिन्न दिव्य स्वरूपों और लीलाओं का वर्णन किया गया है। भक्त शिव जी को दयालु, भक्तों के दुख हरने वाले और संसार का कल्याण करने वाला देव बताते हैं।
भजन में समुद्र मंथन के समय विषपान, त्रिपुरासुर का संहार और माता सती के यज्ञ प्रसंग जैसी घटनाओं का भी उल्लेख है। यह भजन भगवान शिव की महानता और उनकी करुणा को दर्शाता है।
सदा शिव सर्व वारदाता हिंदी भजन लिरिक्स का सारांश
“सदा शिव सर्व वारदाता” एक लोकप्रिय शिव भजन है जिसमें भोलेनाथ की महिमा का अत्यंत सुंदर वर्णन किया गया है। भजन में शिव जी के कैलाश निवास, गंगा धारण, चंद्र मुकुट और नीलकंठ स्वरूप का गुणगान किया गया है।
यह भजन भक्तों को भगवान शिव की भक्ति करने और उनके नाम का स्मरण करने की प्रेरणा देता है। इसे महाशिवरात्रि, सत्संग और शिव आराधना के अवसर पर विशेष रूप से गाया जाता है।
FAQs
Q.1 सदा शिव सर्व वारदाता हिंदी भजन लिरिक्स किस भगवान पर आधारित है?
Answer: यह भजन भगवान शिव यानी भोलेनाथ की महिमा पर आधारित है।
Q.2 इस भजन में कौन-कौन सी शिव लीलाओं का वर्णन है?
Answer: इसमें समुद्र मंथन, त्रिपुरासुर वध और माता सती के यज्ञ प्रसंग का वर्णन किया गया है।
Q.3 यह भजन कब गाया जाता है?
Answer: यह भजन महाशिवरात्रि, सत्संग और शिव भजन कार्यक्रमों में गाया जाता है।
Q.4 “विषधर” शब्द का क्या अर्थ है?
Answer: “विषधर” का अर्थ है विष को धारण करने वाला, जो भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप को दर्शाता है।
Q.5 क्या इस भजन के Lyrics हिंदी और English दोनों में उपलब्ध हैं?
Answer: हां, यहां इस भजन के Lyrics हिंदी और English दोनों भाषाओं में दिए गए हैं।










