Bhangadli Sarnai Re Shiv Thara Naina Me Lyrics
यह सुंदर राजस्थानी शिव भजन भगवान भोलेनाथ की महिमा और उनके अनोखे स्वरूप का वर्णन करता है। भांगडली सरनाई रे शिव थारा नैना मे हिंदी लिरिक्स में शिव जी की बैल सवारी, जटाओं में बहती गंगा, डमरू और भस्म रमाए स्वरूप का भक्तिभाव से गुणगान किया गया है।
भांगडली सरनाई रे शिव थारा नैना मे हिंदी लिरिक्स
भांगडली सरनाई रे शिव थारा नैना मे
अर्जी सुन्ज्यो जी त्रिपुरार,
थे छो भूता रा सरदार,
अजी थारी महिमा अपरम्पार,
धतूरो बोयो वन म,
भांगडली सरनाई रे,
शिव थारा नैना में ॥टेर॥
शिव थारी बैला री असवारी,
म्हाने लागे घणी सुप्यारी,
नाग बिराजे गळ म,
भांगडली सरनाई रे,
शिव थारा नैना में ॥टेर॥
शिव थारी जटा म बहती गंग,
थे तो नित उठ पीओ भंग,
भसम रमाओ तन में,
भांगडली सरनाई रे,
शिव थारा नैना में ॥टेर॥
शिव थारो डम डम डमरू बाजे,
थारा पगा म घूँघरा बाजे,
गौरा रहवे संग म…
भांगडली सरनाई रे,
शिव थारा नैना में ॥टेर॥
शिव थाने धन्ना दास कथ गावे,
अपने गुरू को शीष नवावे,
भजन बना दियो रंग म,
भांगडली सरनाई रे,
शिव थारा नैना में ॥टेर॥
प्रेषक : प्रेम गुरूजी
Singer: नन्दलाल भाट
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Bhangadli Sarnai Re Shiv Thara Naina Me Lyrics
Bhangadli sarnai re Shiv thara naina me,
Arji sunjyo ji Tripurar,
The cho bhoota ra sardar,
Aji thari mahima aparampaar,
Dhatooro boyo van ma,
Bhangadli sarnai re,
Shiv thara naina me.
Shiv thari baila ri aswari,
Mhane laage ghani supyari,
Naag बिराजे gal ma,
Bhangadli sarnai re,
Shiv thara naina me.
Shiv thari jata ma bahti Gang,
The to nit uth peeo bhang,
Bhasam ramao tan me,
Bhangadli sarnai re,
Shiv thara naina me.
भांगडली सरनाई रे शिव थारा नैना मे हिंदी लिरिक्स भजन का अर्थ
इस भजन में भगवान शिव के अद्भुत और भोले स्वरूप का वर्णन किया गया है। भक्त शिव जी से प्रार्थना करता है और उनकी महिमा का गुणगान करता है। भजन में शिव जी की बैल सवारी, गले में नाग, जटाओं में गंगा और हाथ में डमरू जैसे दिव्य स्वरूप का भावपूर्ण चित्रण किया गया है।
भांगडली सरनाई रे शिव थारा नैना मे हिंदी लिरिक्स भजन का सारांश
“भांगडली सरनाई रे शिव थारा नैना मे” एक लोकप्रिय राजस्थानी शिव भजन है जिसे भक्त बड़े प्रेम और उत्साह से गाते हैं। इस भजन में भोलेनाथ के सरल, निराले और कल्याणकारी रूप का वर्णन किया गया है।
भजन के शब्द भक्तों को शिव भक्ति में डूबने और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने की प्रेरणा देते हैं। यह भजन विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सत्संग और शिव भजन संध्या में गाया जाता है।
भांगडली सरनाई रे शिव थारा नैना मे हिंदी लिरिक्स FAQs
Q.1 “भांगडली सरनाई रे” भजन किस भगवान पर आधारित है?
Answer: यह भजन भगवान शिव यानी भोलेनाथ पर आधारित है।
Q.2 यह भजन किस भाषा में है?
Answer: यह भजन राजस्थानी भाषा में गाया गया एक लोकप्रिय शिव भजन है।
Q.3 इस भजन में भगवान शिव के कौन-कौन से स्वरूप का वर्णन है?
Answer: इसमें शिव जी की बैल सवारी, जटाओं में गंगा, गले में नाग और डमरू वाले स्वरूप का वर्णन किया गया है।
Q.4 यह भजन कब गाया जाता है?
Answer: यह भजन महाशिवरात्रि, सत्संग और शिव भजन कार्यक्रमों में गाया जाता है।
Q.5 क्या इस भजन के Lyrics हिंदी और English दोनों में उपलब्ध हैं?
Answer: हां, यहां इस भजन के Lyrics हिंदी और English दोनों भाषाओं में दिए गए हैं।











