Panch Gaon Maare Pandavon Ne Devo Lyrics: पांच गाँव मारे पांडवों ने देवो लिरिक्स इन हिंदी एक प्रसिद्ध लोक-भजन है जो महाभारत की कथा पर आधारित है। इस भजन में पांडवों और दुर्योधन के बीच हुए संवाद और अहंकार के परिणाम को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
पांच गाँव मारे पांडवों ने देवो लिरिक्स इन हिंदी
पांच गाँव मारे पांडवों ने देवो,
अरे बाकी राज तुम्हारा,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा,
अरे भारत रचीयो भलो नही होवे,
भारत रचीयो भलो नही होवे,
आया काल तुम्हारा,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा।।
काशी कसबेर ओर हस्तीनापुर,
दिल्ली शहर सतारा ए हा,
अरे आबूगढो रा देवु बेसना,
अरे बाकी राज तुम्हारा,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा,
अरे भारत रचीयो भलो नही होवे,
भारत रचीयो भलो नही होवे,
आया काल तुम्हारा,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा।।
भूमि नहीं देवु सुई भी नोक पर,
अरे रणसिंह राम विचारा ए हा,
अरे रणसिंह राम सुरोने प्यारो,
चाहे जीतोने हारो,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा,
अरे भारत रचीयो भलो नही होवे,
भारत रचीयो भलो नही होवे,
आया काल तुम्हारा,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा।।
क्यु थे आया कुण बुलाया,
आप मोन घटाया ए हा,
अरे राज तेज री खबर नी जानो,
अरे गायो चरावनवाला,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा,
अरे भारत रचीयो भलो नही होवे,
भारत रचीयो भलो नही होवे,
आया काल तुम्हारा,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा।।
बोलो रे आंधली रा जाया,
बोले बोल कुवेला ए हा,
अरे सूरदास बोले भरी सभा में,
अरे आया काल तुम्हारा,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा,
अरे भारत रचीयो भलो नही होवे,
भारत रचीयो भलो नही होवे,
आया काल तुम्हारा,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा।।
पांच गाँव मारे पांडवों ने देवो,
अरे बाकी राज तुम्हारा,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा,
अरे भारत रचीयो भलो नही होवे,
भारत रचीयो भलो नही होवे,
आया काल तुम्हारा,
दुर्योधन केना मोन हमारा ए हा।।
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पांच गाँव मारे पांडवों ने देवो लिरिक्स इन हिंदी का अर्थ
यह भजन महाभारत की उस घटना को दर्शाता है जब पांडवों ने केवल पाँच गाँव मांगे, लेकिन दुर्योधन के अहंकार के कारण युद्ध हुआ। यह भजन अहंकार के परिणाम और धर्म के महत्व को समझाता है।
- अहंकार हमेशा विनाश का कारण बनता है
- धर्म और सत्य की जीत निश्चित होती है
- लोभ और हठ से जीवन में संकट आते हैं
पांच गाँव मारे पांडवों ने देवो लिरिक्स इन हिंदी का संदेश
यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन में कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिए। यदि दुर्योधन थोड़ा सा समझौता कर लेता, तो महाभारत जैसा विनाशकारी युद्ध नहीं होता।
पांच गाँव मारे पांडवों ने देवो लिरिक्स इन हिंदी FAQs
Q1. पांच गाँव मारे पांडवों ने देवो लिरिक्स इन हिंदी किस कथा पर आधारित है?
Answer: यह भजन महाभारत की कथा पर आधारित है।
Q2. पांडवों ने कितने गाँव मांगे थे?
Answer: पांडवों ने केवल पाँच गाँव मांगे थे।
Q3. दुर्योधन ने क्या जवाब दिया था?
Answer: उसने सुई की नोक के बराबर भूमि देने से भी इनकार कर दिया।
Q4. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
Answer: अहंकार और हठ का परिणाम हमेशा विनाश होता है।
Q5. यह भजन हमें क्या सिखाता है?
Answer: यह भजन हमें विनम्रता, धर्म और समझदारी से जीवन जीने की सीख देता है।











