सभा है भरी भगवान भीर पड़ी भजन लिरिक्स

महाभारत के प्रसिद्ध द्रौपदी चीरहरण प्रसंग पर आधारित यह भजन भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। सभा है भरी भगवान भीर पड़ी भजन लिरिक्स में द्रौपदी की करुण पुकार और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा का भावपूर्ण वर्णन किया गया है। जब संसार के सभी सहारे समाप्त हो जाते हैं, तब भगवान अपने भक्त की रक्षा के लिए स्वयं उपस्थित होते हैं। यही संदेश यह भजन हमें देता है।

सभा है भरी भगवान भीर पड़ी भजन लिरिक्स (Hindi Lyrics)

सभा है भरी भगवान भीर पड़ी,
आवो तो आवो हरी,
किसविध देर करी,
सभा है भरी भगवान भीर पड़ी,
आवो तो आवो हरी।

पति मोये हारी ये ना बिचारी,
कैसे सभा में आवती नारी,
बाजी लगी थी भगवान कपट भरी,
आवो तो आवो हरी,
किसविध देर करी,
सभा है भरी भगवान भीर पड़ी,
आवो तो आवो हरी।

हो दुष्ट दुःशासन वस्त्र बिलोचन,
खेंच रह्यो मेरे बदन को वासन,
नग्न करण की मन में करी,
आवो तो आवो हरी,
किसविध देर करी,
सभा है भरी भगवान भीर पड़ी,
आवो तो आवो हरी।

भीष्म पितामह द्रोण गुरूदेवा,
बैठे विदुरजी धर्म के खेवा,
सब की मति में भगवान धूल पड़ी,
आवो तो आवो हरी,
किसविध देर करी,
सभा है भरी भगवान भीर पड़ी,
आवो तो आवो हरी।

हाथ पसारो लाज उबारो,
सत्य कहूं प्रभु बेगा पधारो,
देवकीनंदन गावै, बना बिगड़ी,
आवो तो आवो हरी,
किसविध देर करी,
सभा है भरी भगवान भीर पड़ी,
आवो तो आवो हरी।

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Singer Credit: Pawan Ji Sahal
Video Credit: Original YouTube Channel & Creator

Sabha Hai Bhari Bhagwan Bheer Padi Lyrics in English

Sabha Hai Bhari Bhagwan Bheer Padi,
Aavo To Aavo Hari,
Kis Vidh Der Kari,
Sabha Hai Bhari Bhagwan Bheer Padi,
Aavo To Aavo Hari.

Pati Moye Haari Ye Na Bichaari,
Kaise Sabha Mein Aavati Naari,
Baaji Lagi Thi Bhagwan Kapat Bhari,
Aavo To Aavo Hari.

Ho Dusht Dushasan Vastr Bilochan,
Khench Rahyo Mere Badan Ko Vaasan,
Nagn Karan Ki Man Mein Kari,
Aavo To Aavo Hari.

Bhishm Pitamah Dron Gurudeva,
Baithe Vidur Ji Dharm Ke Kheva,
Sab Ki Mati Mein Bhagwan Dhool Padi,
Aavo To Aavo Hari.

Haath Pasaro Laaj Ubaro,
Satya Kahun Prabhu Bega Padharo,
Devkinandan Gaavai Bana Bigdi,
Aavo To Aavo Hari.

सभा है भरी भगवान भीर पड़ी भजन लिरिक्स का भावार्थ

यह भजन महाभारत के उस मार्मिक प्रसंग को दर्शाता है जब द्रौपदी को कौरवों की सभा में अपमानित किया जा रहा था। सभी महान योद्धा, गुरु और बुजुर्ग उपस्थित थे, लेकिन कोई भी उनकी सहायता नहीं कर सका। अंततः द्रौपदी ने पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान श्रीकृष्ण को पुकारा।

भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी लाज बचाई और यह सिद्ध किया कि जब भक्त पूरी निष्ठा से प्रभु का स्मरण करता है, तब भगवान उसकी रक्षा अवश्य करते हैं। यह भजन श्रद्धा, विश्वास और भगवान की कृपा का अद्भुत संदेश देता है।

सभा है भरी भगवान भीर पड़ी भजन लिरिक्स का महत्व

यह भजन विशेष रूप से भक्ति संध्या, सत्संग और श्रीकृष्ण भजन कार्यक्रमों में गाया जाता है। इसके माध्यम से भक्त भगवान श्रीकृष्ण की करुणा, कृपा और भक्तवत्सल स्वरूप का स्मरण करते हैं।

सभा है भरी भगवान भीर पड़ी भजन लिरिक्स FAQs

प्रश्न:1. सभा है भरी भगवान भीर पड़ी भजन लिरिक्स किस प्रसंग पर आधारित है?

उत्तर: यह भजन महाभारत के द्रौपदी चीरहरण प्रसंग पर आधारित है।

प्रश्न:2. इस भजन में किस भगवान का स्मरण किया गया है?

उत्तर: इस भजन में भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया गया है।

प्रश्न:3. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर: भगवान पर अटूट विश्वास रखने से संकटों से मुक्ति मिलती है।

प्रश्न:4. द्रौपदी की लाज किसने बचाई थी?

उत्तर: भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की लाज बचाई थी।

प्रश्न:5. यह भजन कब गाया जाता है?

उत्तर: यह भजन श्रीकृष्ण भजन संध्या, सत्संग और धार्मिक आयोजनों में गाया जाता है।

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