नर छोड़ दे कपट का जाल लिरिक्स

नर छोड़ दे कपट का जाल हिंदी लिरिक्स एक गहरा आध्यात्मिक भजन है, जो इंसान को कपट, छल और माया के जाल से बाहर निकलकर भगवान के नाम में लगने की प्रेरणा देता है। यह भजन सरल भाषा में जीवन की सच्चाई और भक्ति का मार्ग बताता है।

नर छोड़ दे कपट का जाल हिंदी लिरिक्स

नर छोड़ दे कपट का जाल
बताऊँ तन्ने तिरने की तदबीर ।।टेर।।

हरी की माला ऐसी रत्नी
जैसे बांस पर चढ़ जाए नटानी
हरि हरि बोलो हरि हरि
मुश्किल है ये काया डटनी
डटै तो परले तीर
नर छोड़ दे कपट का जाल
बताऊँ तन्ने तिरने की तदबीर ।।टेर।।

गौ चरण को जाती बन में
बछड़े को छोड़ दिया अपने भवन में
हरि हरि बोलो हरि हरि
मुश्किल है ये काया डटनी
डटै तो परले तीर
नर छोड़ दे कपट का जाल
बताऊँ तन्ने तिरने की तदबीर
तिरने की तदबीर बताऊँ तन्ने ।।टेर।।

जल भरने को जाती नारी
सर पे घड़ो, घाड़े झारी
हरि हरि बोलो हरि हरि बोलो
हाथ छोड़ बटलावे ने सारी
मार्ग जात साहिब
नर छोड़ दे कपट का जाल
बताऊँ तन्ने तिरने की तदबीर ।।टेर।।

गंगा दास कठे अविनाशी
गंगा दास का गरूर संन्यासी
हरि हरि बोलो हरि हरि बोलो
राम कथा से कट जा फांसी
तालु राम कहि
नर छोड़ दे कपट का जाल
बताऊँ तन्ने तिरने की तदबीर
तिरने की तदबीर बताऊँ तन्ने ।।टेर।।

Nar Chhod De Kapat Ka Jaal Lyrics

Nar chhod de kapat ka jaal,
Bataun tanne tirne ki tadbeer.

Hari ki mala aisi ratni,
Jaise baans par chadh jaaye natani,
Hari Hari bolo Hari Hari,
Mushkil hai ye kaya datni,
Datai to parle teer.

Gau charan ko jaati ban mein,
Bachhde ko chhod diya apne bhavan mein,
Hari Hari bolo Hari Hari,
Mushkil hai ye kaya datni,
Datai to parle teer.

Jal bharne ko jaati naari,
Sar pe ghado ghaade jhaari,
Hari Hari bolo Hari Hari bolo,
Haath chhod batlave ne saari,
Maarg jaat sahib.

Ganga Das kathe avinashi,
Ganga Das ka garoor sanyaasi,
Hari Hari bolo Hari Hari bolo,
Ram katha se kat ja faansi,
Taalu Ram kahi.

नर छोड़ दे कपट का जाल हिंदी लिरिक्स भजन का अर्थ

इस भजन में संत बताते हैं कि मनुष्य को कपट और छल छोड़कर सच्चे मन से भगवान का नाम लेना चाहिए। यह जीवन कठिन जरूर है, लेकिन अगर व्यक्ति सच्ची भक्ति में लग जाए, तो वह इस संसार रूपी सागर को पार कर सकता है।

नर छोड़ दे कपट का जाल हिंदी लिरिक्स भजन का संदेश

यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन में सच्चाई और भक्ति को अपनाना ही सबसे बड़ा उपाय है। जो व्यक्ति कपट छोड़कर प्रभु के नाम में लग जाता है, वह जीवन के हर दुख से पार हो जाता है।

नर छोड़ दे कपट का जाल हिंदी लिरिक्स FAQs

Q1. नर छोड़ दे कपट का जाल हिंदी लिरिक्स का क्या अर्थ है?

Answer: कपट का जाल मतलब छल, धोखा और माया का जाल है जिसमें इंसान फंस जाता है।

Q2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

Answer: कपट छोड़कर भगवान के नाम में लगना ही जीवन का सही मार्ग है।

Q3. “तिरने की तदबीर” का क्या मतलब है?

Answer: इसका मतलब है जीवन रूपी सागर को पार करने का उपाय यानी भक्ति।

Q4. क्या यह भजन किसी विशेष संत से जुड़ा है?

Answer: यह भजन संत परंपरा की शिक्षा को दर्शाता है, जिसमें हरि नाम की महिमा बताई गई है।

Q5. क्या यह भजन आज के समय में भी उपयोगी है?

Answer: हाँ, यह भजन आज भी हमें सच्चाई, भक्ति और सही जीवन मार्ग की प्रेरणा देता है।

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