सखी री नंद भवन में खेल रहे नंदलाल हिंदी लिरिक्स एक अत्यंत मधुर और भावपूर्ण कृष्ण भजन है, जिसमें बाल गोपाल श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया गया है। इस भजन में नंद भवन में खेलते हुए कान्हा की प्यारी छवि, उनकी पायल की रुनझुन और मोहक स्वरूप को बेहद भावुक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह भजन कृष्ण भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है और जन्माष्टमी, सत्संग तथा भजन संध्या में बड़े प्रेम से गाया जाता है।
सखी री नंद भवन में खेल रहे नंदलाल हिंदी लिरिक्स
दोहा
नहीं नयन भर देख सखी, ओझल भये नन्दलाल |
समल धरा पर पग धरे, धरती के आधार ||
सखी री नंद भवन में,
खेल रहे नंदलाल ||
रुण – जूण बाजे पग पैंजनिया,
ठुमक चले गोपाल,
सखी री नंद भवन में,
खेल रहे नंदलाल ||
मोर मुकुट हरी शीश पर सोहे,
और घुंघराले बाल,
सखी री नंद भवन में,
खेल रहे नंदलाल ||
आज सखी छवि, लगी मोहन की,
मै हो गयी निहाल,
सखी री नंद भवन में,
खेल रहे नंदलाल ||
गायक – धन सिंह
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Sakhi Ri Nand Bhavan Mein Khel Rahe Nandlal Lyrics
Nahi nayan bhar dekh sakhi, ojhal bhaye Nandlal,
Samal dhara par pag dhare, dharti ke aadhaar.
Sakhi ri Nand bhavan mein,
Khel rahe Nandlal.
Run-jhun baaje pag painjaniya,
Thumak chale Gopal,
Sakhi ri Nand bhavan mein,
Khel rahe Nandlal.
Mor mukut Hari sheesh par sohe,
Aur ghunghraale baal,
Sakhi ri Nand bhavan mein,
Khel rahe Nandlal.
Aaj sakhi chhavi lagi Mohan ki,
Main ho gayi nihaal,
Sakhi ri Nand bhavan mein,
Khel rahe Nandlal.
सखी री नंद भवन में खेल रहे नंदलाल हिंदी लिरिक्स भजन का अर्थ
सखी री नंद भवन में खेल रहे नंदलाल भजन में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके सुंदर स्वरूप का वर्णन किया गया है। भक्त नंद भवन में खेलते हुए बाल गोपाल की मनमोहक छवि देखकर आनंदित हो जाता है।
भजन का मुख्य भाव यह है कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं भक्तों के मन को प्रेम, भक्ति और आनंद से भर देती हैं।
सखी री नंद भवन में खेल रहे नंदलाल हिंदी लिरिक्स भजन का सारांश
यह एक लोकप्रिय बाल कृष्ण भजन है, जिसमें नंदलाल की प्यारी बाल छवि का सुंदर चित्रण किया गया है।
भजन में पायल की मधुर ध्वनि, मोर मुकुट और कान्हा की ठुमक-ठुमक चाल का भावपूर्ण वर्णन भक्तों को वृंदावन की दिव्य लीलाओं का अनुभव कराता है।
FAQs – सखी री नंद भवन में खेल रहे नंदलाल हिंदी लिरिक्स
Q1. सखी री नंद भवन में खेल रहे नंदलाल हिंदी लिरिक्स भजन किस भगवान पर आधारित है?
Answer: यह भजन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित है।
Q2. इस भजन में क्या वर्णन किया गया है?
Answer: इसमें नंद भवन में खेलते हुए बाल गोपाल श्रीकृष्ण की सुंदर छवि का वर्णन किया गया है।
Q3. यह भजन कब गाया जाता है?
Answer: यह भजन जन्माष्टमी, सत्संग और कृष्ण भजन संध्या में गाया जाता है।
Q4. “नंदलाल” किसे कहा गया है?
Answer: “नंदलाल” भगवान श्रीकृष्ण को कहा गया है, जो नंद बाबा के पुत्र हैं।
Q5. क्या इस भजन के Lyrics हिंदी और English दोनों में उपलब्ध हैं?
Answer: हाँ, यहां इस भजन के Sakhi Ri Nand Bhavan Mein Khel Rahe Nandlal Lyrics In Hindi हिंदी और English दोनों भाषाओं में दिए गए हैं।
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