हे री मैं तो प्रेम दीवानी मेरो दर्द न जाणै कोय लिरिक्स | Hey Ri Main To Prem Deewani Lyrics in Hindi: संत भक्त शिरोमणि मीराबाई का अत्यंत प्रसिद्ध भजन है। इस भजन में मीरा जी अपने आराध्य भगवान श्रीकृष्ण के प्रति असीम प्रेम और विरह वेदना का वर्णन करती हैं। यह भजन भक्ति, समर्पण और ईश्वर प्रेम की गहराई को दर्शाता है। आज भी यह भजन भजन संध्या, सत्संग और कृष्ण भक्ति कार्यक्रमों में बड़े प्रेम से गाया जाता है।
हे री मैं तो प्रेम दीवानी मेरो दर्द न जाणै कोय लिरिक्स
हे री मैं तो प्रेम दीवानी,
मेरो दर्द न जाणै कोय।। टेर ।।
घायल की गति घायल जाणै,
जो कोई घायल होय।
हे री मैं तो प्रेम दीवानी,
मेरो दर्द न जाणै कोय।।
जौहरी की गति जौहर जाणै,
जो कोई जौहर होय।
हे री मैं तो प्रेम दीवानी,
मेरो दर्द न जाणै कोय।।
सूली ऊपर सेज पिया की,
मिलना किस विध होय।
हे री मैं तो प्रेम दीवानी,
मेरो दर्द न जाणै कोय।।
गगन मण्डल पर सेज पिया की,
किस विध मिलणा होय।
हे री मैं तो प्रेम दीवानी,
मेरो दर्द न जाणै कोय।।
दर्द की मारी बन-बन डोलूँ,
वैध मिला नहिं कोय।
हे री मैं तो प्रेम दीवानी,
मेरो दर्द न जाणै कोय।।
मीरा की प्रभु पीर मिटेगी,
जद वैध साँवरिया होय।
हे री मैं तो प्रेम दीवानी,
मेरो दर्द न जाणै कोय।।
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Singer Credit: सुर सम्राट रामस्वरूप भोपा
Video Credit: Original YouTube Channel & Creator
Hey Ri Main To Prem Deewani Lyrics in English
Hey Ri Main To Prem Deewani,
Mero Dard Na Jaane Koy.
Ghayal Ki Gati Ghayal Jaane,
Jo Koi Ghayal Hoy.
Hey Ri Main To Prem Deewani,
Mero Dard Na Jaane Koy.
Johari Ki Gati Johar Jaane,
Jo Koi Johar Hoy.
Hey Ri Main To Prem Deewani,
Mero Dard Na Jaane Koy.
Sooli Upar Sej Piya Ki,
Milna Kis Vidh Hoy.
Hey Ri Main To Prem Deewani,
Mero Dard Na Jaane Koy.
Gagan Mandal Par Sej Piya Ki,
Kis Vidh Milna Hoy.
Hey Ri Main To Prem Deewani,
Mero Dard Na Jaane Koy.
Dard Ki Maari Ban Ban Dolu,
Vaid Mila Nahin Koy.
Hey Ri Main To Prem Deewani,
Mero Dard Na Jaane Koy.
Meera Ki Prabhu Peer Mitegi,
Jad Vaid Sanwariya Hoy.
Hey Ri Main To Prem Deewani,
Mero Dard Na Jaane Koy.
हे री मैं तो प्रेम दीवानी मेरो दर्द न जाणै कोय लिरिक्स भजन का भावार्थ
इस भजन में मीराबाई भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम में डूबी हुई अपनी विरह वेदना को व्यक्त करती हैं। वे कहती हैं कि उनके हृदय का दर्द कोई सामान्य व्यक्ति नहीं समझ सकता। जिस प्रकार घायल व्यक्ति ही दूसरे घायल की पीड़ा समझ सकता है, उसी प्रकार ईश्वर प्रेम का अनुभव वही समझ सकता है जिसने सच्ची भक्ति और प्रेम का अनुभव किया हो।
मीरा जी कहती हैं कि संसार में उनकी इस पीड़ा का उपचार कोई वैद्य नहीं कर सकता। केवल उनके प्रियतम साँवरिया श्रीकृष्ण ही उनके विरह की पीड़ा को दूर कर सकते हैं।
मीराबाई कौन थीं?
Mirabai भारत की महान कृष्ण भक्त और संत कवयित्री थीं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में समर्पित कर दिया। उनके भजन आज भी पूरे भारत में अत्यंत श्रद्धा के साथ गाए जाते हैं।
हे री मैं तो प्रेम दीवानी मेरो दर्द न जाणै कोय लिरिक्स FAQs
प्रश्न: 1 हे री मैं तो प्रेम दीवानी मेरो दर्द न जाणै कोय लिरिक्स भजन किसने लिखा?
उत्तर: यह प्रसिद्ध भजन संत मीराबाई द्वारा रचित माना जाता है।
प्रश्न: 2 यह भजन किस भगवान को समर्पित है?
उत्तर: हे री मैं तो प्रेम दीवानी मेरो दर्द न जाणै कोय लिरिक्स भजन भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है।
प्रश्न: 3 “मेरो दर्द न जाणै कोय” का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि मेरे हृदय की पीड़ा और प्रेम की गहराई को कोई नहीं समझ सकता।
प्रश्न: 4 भजन में वैद्य किसे कहा गया है?
उत्तर: भजन में भगवान श्रीकृष्ण को वैद्य कहा गया है, जो भक्त की आध्यात्मिक पीड़ा को दूर करते हैं।
प्रश्न: 5 यह भजन किस प्रकार की भक्ति को दर्शाता है?
उत्तर: यह भजन विरह भक्ति और माधुर्य भाव की भक्ति को दर्शाता है।
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