काया कैसे रोई तज दिना प्राण लिरिक्स

काया कैसे रोई तज दिना प्राण हिंदी लिरिक्स प्रसिद्ध चेतावनी और वैराग्य भजन है, जो मनुष्य को जीवन की सच्चाई और मृत्यु की अनिवार्यता का बोध कराता है। भजन में बताया गया है कि शरीर नश्वर है और एक दिन सब कुछ यहीं छोड़कर जाना पड़ता है।

काया कैसे रोई तज दिना प्राण हिंदी लिरिक्स

काया कैसे रोई
तज दिना प्राण,
काया कैसे रोई।
काया है निर्मोई।।

मैं जाण्यो काया संग चलेगी,
इण तो काया ने मलमल धोई रे।
तज दिना प्राण,
काया कैसे रोई।।

तज दिना मन्दिर महल मालिया,
गाय भैंस घर घोड़ी रे।
घर की नार बिलखती छोड़ी,
छोड़ चल्या वे सारस की जोड़ी रे।
तज दिना प्राण,
काया कैसे रोई।।

चार जना मिल गजी बनाई,
चढ़्या काठ की घोड़ी रे।
जाय जंगल में डेरा दिना,
फूंक दिया ज्यों फागुन की होली रे।
तज दिना प्राण,
काया कैसे रोई।।

घर की त्रीयां यूँ उठ बोली,
बिछड़ गई मारी जोड़ी रे।
भवानी नाथ बैरागी बोल्या,
जिन जोड़ी दाता पल माही तोड़ी रे।
तज दिना प्राण,
काया कैसे रोई।।

तज दिना प्राण,
काया कैसे रोई।
काया है निर्मोई।।

सिंगर :- विष्णु जी

Kaya Kaise Roi Taj Dina Praan Lyrics

Kaya kaise roi,
Taj dina praan,
Kaya kaise roi,
Kaya hai nirmoi.

Main janyo kaya sang chalegi,
In to kaya ne malmal dhoi re,
Taj dina praan,
Kaya kaise roi.

Taj dina mandir mahal maaliya,
Gaay bhains ghar ghodi re,
Ghar ki naar bilakhti chhodi,
Chhod chalya ve saras ki jodi re,
Taj dina praan,
Kaya kaise roi.

Chaar jana mil gaji banayi,
Chadhya kaath ki ghodi re,
Jaay jangal mein dera dina,
Phoonk diya jyon faagun ki holi re,
Taj dina praan,
Kaya kaise roi.

Ghar ki triyaan yun uth boli,
Bichhad gayi maari jodi re,
Bhavani Nath bairagi bolya,
Jin jodi daata pal maahi todi re,
Taj dina praan,
Kaya kaise roi.

काया कैसे रोई तज दिना प्राण हिंदी लिरिक्स का अर्थ

यह भजन मानव जीवन की नश्वरता को दर्शाता है। इसमें बताया गया है कि जिस शरीर को इंसान जीवनभर सजाता-संवारता है, मृत्यु के बाद वही शरीर मिट्टी में मिल जाता है।

भजन हमें यह समझाता है कि धन-दौलत, महल, परिवार और संसार की सारी वस्तुएँ यहीं रह जाती हैं। अंत समय में केवल भगवान का नाम और अच्छे कर्म ही साथ जाते हैं।

काया कैसे रोई तज दिना प्राण हिंदी लिरिक्स का संदेश

यह भजन वैराग्य और आत्मचिंतन का संदेश देता है। इसमें कहा गया है कि मनुष्य को मोह-माया में अधिक नहीं फँसना चाहिए, क्योंकि जीवन क्षणभंगुर है।

भजन हमें भगवान की भक्ति करने, अच्छे कर्म करने और सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यही इस भजन की सबसे बड़ी सीख है।

काया कैसे रोई तज दिना प्राण हिंदी लिरिक्स FAQs

Q1. काया कैसे रोई तज दिना प्राण हिंदी लिरिक्स भजन किस प्रकार का है?
Answer: यह एक चेतावनी और वैराग्य भजन है।

Q2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
Answer: शरीर और संसार नश्वर हैं, केवल भगवान का नाम अमर है।

Q3. इस भजन में “काया” का क्या अर्थ है?
Answer: “काया” का अर्थ मानव शरीर से है।

Q4. यह भजन हमें क्या सीख देता है?
Answer: जीवन में मोह-माया छोड़कर भक्ति और सत्कर्म करने चाहिए।

Q5. यह भजन किस शैली में गाया जाता है?
Answer: यह भजन राजस्थानी चेतावनी और निरगुण शैली में गाया जाता है।

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