वृंदावन वास चाहिए भजन हिंदी लिरिक्स | Vrindavan Vaas Chahiye Bhajan Lyrics in Hindi: एक अत्यंत लोकप्रिय राधा-कृष्ण भजन है, जिसे महाराज श्री कुंज बिहारी दास जी ने गाया है। इस भजन में भक्त की वह गहरी इच्छा व्यक्त होती है, जिसमें वह सांसारिक जीवन से ऊपर उठकर श्री वृंदावन धाम में निवास करने की कामना करता है। भजन के प्रत्येक शब्द में श्री राधारानी और बांके बिहारी जी के चरणों में समर्पण, प्रेम और भक्ति की भावना झलकती है।
वृंदावन वास चाहिए भजन हिंदी लिरिक्स
वृंदावन धाम को वास भलो,
जहाँ पास बहे यमुना पटरानी,
जो जन जाय के ध्यान धरे,
बैकुंठ मिले तिनको रजधानी,
वेद पुराण बखान करे,
सब संत मुनि तिनके मनमानी,
यमुना यमदूतन तारत है,
भव तारत है श्री राधिका रानी ॥
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए,
वास चाहिए, वास चाहिए, वास चाहिए,
ओ मेरी रसना पे नाम श्री हरिदास चाहिए,
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए ॥
वृंदावन में रसिक मिलेंगे रहते भक्ति में डूबे,
उनकी कृपा से ही भजन बढ़ेगा,
तन-मन मस्ती में झूमे,
हो मुझे रसिकों से रस की वो प्यास चाहिए,
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए ॥
जैसे राखो वैसे रहूँगी पर दे दो वृंदावन,
नाम-धाम दो हृदय विराजे,
भटके नहीं मेरा मन,
ओ कहनी-रहनी बने विश्वास चाहिए,
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए ॥
चाहे जो भी ले लो परीक्षा केवल आस तिहारी,
धामवास की दे दो भिक्षा श्यामा कुंजबिहारी,
मुझे निधिवन में निकले वो श्वास चाहिए,
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए ॥
हो जब प्राण निकलने वाले एक ध्यान हो मन में,
टटिया स्थान, रंगीली कुंज हो,
कुंज महल हो मन में,
श्री जी, स्वामी जू, गुरुदेव पास चाहिए,
दे दो बांके! श्री वृंदावन वास चाहिए ॥
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Singer Credit: Maharaj Shri Kunj Bihari Das Ji
Video Credit: Original YouTube Channel & Creator
वृंदावन वास चाहिए भजन हिंदी लिरिक्स का भावार्थ
यह भजन एक ऐसे भक्त की हृदय की पुकार है जो श्री राधा-कृष्ण की भक्ति में पूरी तरह डूब जाना चाहता है। भक्त भगवान से केवल एक वरदान मांगता है कि उसे वृंदावन धाम में रहने का अवसर मिले। भजन में वृंदावन की महिमा, यमुना जी का महत्व, संतों की संगति और राधारानी की कृपा का सुंदर वर्णन किया गया है।
भक्त चाहता है कि उसके जीवन का अंतिम समय भी वृंदावन में बीते और अंतिम सांस लेते समय उसके मन में केवल राधा-कृष्ण का स्मरण हो। यह भजन प्रेम, समर्पण और दिव्य भक्ति का अद्भुत उदाहरण है।
वृंदावन धाम का महत्व
वृंदावन को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाभूमि माना जाता है। यहां स्थित निधिवन, सेवाकुंज, बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर और यमुना तट लाखों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं।
जो भक्त वृंदावन में निवास करने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए यह भजन प्रेरणा का स्रोत है। यह भजन बताता है कि सच्चे भक्त की सबसे बड़ी चाहत भगवान के चरणों में स्थान प्राप्त करना है।
Vrindavan Vaas Chahiye Bhajan Lyrics in English
De Do Banke Shri Vrindavan Vaas Chahiye,
Vaas Chahiye, Vaas Chahiye, Vaas Chahiye.
Vrindavan Dham Ko Vaas Bhalo,
Jahan Paas Bahe Yamuna Patrani.
Jo Jan Jaay Ke Dhyan Dhare,
Baikunth Mile Tinko Rajdhani.
Ved Puran Bakhan Kare,
Sab Sant Muni Tinke Manmani.
Yamuna Yamdootan Taarat Hai,
Bhav Taarat Hai Shri Radhika Rani.
De Do Banke Shri Vrindavan Vaas Chahiye…
Vrindavan Mein Rasik Milenge,
Rahte Bhakti Mein Doobe.
Unki Kripa Se Hi Bhajan Badhega,
Tan Man Masti Mein Jhoome.
Ho Mujhe Rasikon Se Ras Ki Wo Pyaas Chahiye,
De Do Banke Shri Vrindavan Vaas Chahiye…
वृंदावन वास चाहिए भजन हिंदी लिरिक्स FAQs
Q1. वृंदावन वास चाहिए भजन हिंदी लिरिक्स किसने गाया है?
Answer: इस भजन को महाराज श्री कुंज बिहारी दास जी ने गाया है।
Q2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
Answer: भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के धाम वृंदावन में निवास करने की भक्त की प्रबल इच्छा।
Q3. वृंदावन वास चाहिए भजन किस भगवान को समर्पित है?
Answer: यह भजन श्री राधा-कृष्ण और बांके बिहारी जी को समर्पित है।
Q4. क्या यह भजन सत्संग में गाया जाता है?
Answer: हाँ, यह भजन सत्संग, कीर्तन और भक्ति कार्यक्रमों में अत्यंत लोकप्रिय है।











