आपा बाबा जी बन जावा रे हिंदी लिरिक्स लोकप्रिय राजस्थानी भजन है जिसमें हास्य और व्यंग्य के माध्यम से नकली साधुओं और दिखावटी बाबा संस्कृति पर कटाक्ष किया गया है। भजन मनोरंजन के साथ-साथ गहरी सीख भी देता है।
आपा बाबा जी बन जावा रे हिंदी लिरिक्स
आपा बाबा जी बन जावा रे,
दिन में खावा माल,
रात ने भजन सुनावा रे !!
लाबी लाबी जटा बढ़ाल्या,
लाबी राखा दाढ़ी,
उससे लाबी लाठी राखा,
कमर बांधला गाठी,
आपा प्रयाग राज में चाला रे,
दिन में खावा माल,
रात में भजन सुनावा रे,
आपा बाबा जी बन जावा रे !!
धोला धोला चौला पहना,
धोली पहना धोती,
अरे तुलसा जी की माला राखा,
गीता जी की पोथी,
माने गीता ज्ञान सुना दे रे,
दिन में खावा माल,
रात ने भजन सुनावा रे,
आपा बाबा जी बन जावा रे !!
अंतर मंतर तंतर राखा,
हर कोई देदे लो,
तू बन जाइयो गुरुदेव जी,
मैं बन जाऊ चेलो,
आपा दोनों मौज उड़ावा रे,
दिन में खावा माल,
रात में भजन सुनावा रे,
आपा बाबा जी बन जावा रे !!
बाला साहब ने साथ में राखा,
हाथ में राखे सोटो,
भूत भूतनी जिंद भगावे,
मार मार के सोटो,
आप तीनो मौज उड़ा रे,
दिन में खावा माल,
रात ने भजन सुनावा रे,
आपा बाबा जी बन जावा रे !!
सोहन लाल लोहाकार की नैया,
तारो श्याम मुरारी,
शरणागत की रक्षा करयो,
मानो बात हमारी,
आपा साग साग रहस्या रे,
दिन में खावा माल,
रात ने भजन सुनावा रे,
आपा बाबा जी बन जावा रे !!
Singer: Hansraj Athariya
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Aapa Baba Ji Ban Java Re Lyrics In Hindi
Aapa baba ji ban java re,
Din mein khawa maal,
Raat ne bhajan sunava re.
Laabi laabi jata badhalya,
Laabi rakha dadhi,
Usse laabi lathi rakha,
Kamar bandh la gathi,
Aapa Prayag Raj mein chala re,
Din mein khawa maal,
Raat mein bhajan sunava re.
Dhola dhola chaula pehna,
Dholi pehna dhoti,
Are Tulsa ji ki mala rakha,
Geeta ji ki pothi,
Mane Geeta gyan suna de re,
Din mein khawa maal,
Raat ne bhajan sunava re.
Antar mantar tantar rakha,
Har koi dede lo,
Tu ban jaiyo gurudev ji,
Main ban jau chelo,
Aapa dono mauj udava re,
Din mein khawa maal,
Raat mein bhajan sunava re.
Bala sahab ne saath mein rakha,
Haath mein rakhe soto,
Bhoot bhootni jind bhagave,
Maar maar ke soto,
Aap teeno mauj uda re,
Din mein khawa maal,
Raat ne bhajan sunava re.
Sohan Lal Lohakar ki naiya,
Taro Shyam Murari,
Sharanagat ki raksha karyo,
Mano baat hamari,
Aapa saag saag rahasya re,
Din mein khawa maal,
Raat ne bhajan sunava re.
आपा बाबा जी बन जावा रे हिंदी लिरिक्स का अर्थ और संदेश
यह भजन समाज में बढ़ते दिखावटी साधुओं और नकली बाबाओं पर व्यंग्य करता है। इसमें बताया गया है कि केवल जटा बढ़ाने, माला पहनने या धार्मिक वस्त्र धारण करने से कोई सच्चा संत नहीं बन जाता।
भजन हमें सिखाता है कि असली संत वही होता है जिसके भीतर सच्ची भक्ति, विनम्रता और सेवा भाव हो। केवल बाहरी दिखावे से धर्म का पालन नहीं होता।
आपा बाबा जी बन जावा रे हिंदी लिरिक्स का महत्व
यह भजन हास्य शैली में होते हुए भी गहरी सीख देता है। इसमें समझाया गया है कि धर्म को व्यापार या दिखावे का साधन नहीं बनाना चाहिए।
सच्चा गुरु वही है जो लोगों को सही मार्ग दिखाए और भगवान की भक्ति की ओर प्रेरित करे। अंत में भजन भगवान श्याम मुरारी की शरण लेने और सच्चे मन से भक्ति करने का संदेश देता है।
आपा बाबा जी बन जावा रे हिंदी लिरिक्स FAQs
Q1. आपा बाबा जी बन जावा रे हिंदी लिरिक्स भजन किस प्रकार का है?
Answer: यह एक राजस्थानी व्यंग्य और भक्ति भजन है।
Q2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
Answer: केवल बाहरी दिखावे से कोई सच्चा संत नहीं बनता।
Q3. भजन में किस पर व्यंग्य किया गया है?
Answer: नकली बाबाओं और दिखावटी साधुओं पर।
Q4. इस भजन से क्या सीख मिलती है?
Answer: सच्ची भक्ति और सेवा भाव ही सबसे बड़ा धर्म है।
Q5. इस भजन के गायक कौन हैं?
Answer: इस भजन को Hansraj Athariya जी ने गाया है।











