हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी

हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे लिरिक्स राजस्थानी सतगुरु भजन गुरु भक्ति, आत्मज्ञान और आध्यात्मिक प्रेम का संदेश देता है। भजन में भक्त अपने सतगुरु से विनती करता है कि वे उसके जीवन रूपी बाग में प्रेम और ज्ञान का झूला झुलाएँ।

हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे लिरिक्स

हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी।
सतगुरु म्हारा हिण्डे-हिण्डे सुरता नार ॥टेर॥

काया to नगरिये मे सतगुरु म्हारा आमली जी।
सतगुरु म्हारा छायी छायी च्यारुँ मेर ॥1॥

अगर-चंदन को सतगुरु म्हारा पालणो जी।
सतगुरु म्हारा रेशम डोर घलाय ॥2॥

पाँच सखी मिल पाणीड़े न निसरी जी।
सतगुरु मेरा पाँचू ही एक उणियार ॥3॥

नाथ गुलाब से सतगुरु म्हारा विनती जी।
सतगुरु मेरा गावै-गावै भानीनाथ ॥4॥

Singer: Gulab Nath Ji

Hindo To Ghalade Satguru Mhara Baag Me Lyrics

Hindo to ghalade Satguru mhara baag me ji,
Satguru mhara hinde-hinde surta naar.

Kaya to nagariye me Satguru mhara aamli ji,
Satguru mhara chhayi chhayi chyarun mer.

Agar-chandan ko Satguru mhara paalano ji,
Satguru mhara resham dor ghalay.

Paanch sakhi mil paanide ne nisri ji,
Satguru mera paanchu hi ek uniyar.

Nath Gulab se Satguru mhara vinti ji,
Satguru mera gaavai-gaavai Bhaninath.

हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे लिरिक्स भजन का अर्थ

यह भजन आत्मा और सतगुरु के मिलन का प्रतीक है। “बाग” मानव जीवन को दर्शाता है और “हिण्डो” अर्थात झूला प्रेम, भक्ति और ज्ञान का प्रतीक माना गया है।

भजन में बताया गया है कि जब सतगुरु कृपा करते हैं, तब जीवन आनंद और शांति से भर जाता है। “अगर-चंदन” और “रेशम डोर” आध्यात्मिक पवित्रता और प्रेम का संकेत देते हैं।

हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे लिरिक्स भजन का संदेश

यह भजन हमें सिखाता है कि सच्चा सुख और शांति केवल सतगुरु की शरण में मिलती है। मनुष्य को अपने मन को शुद्ध करके भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए।

भजन यह भी बताता है कि जीवन में गुरु का महत्व सबसे बड़ा है, क्योंकि वही आत्मा को सही दिशा दिखाते हैं और ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग सरल बनाते हैं।

हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे लिरिक्स FAQs

Q1. हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे लिरिक्स भजन किस भाषा में है?
Answer: यह भजन राजस्थानी भाषा में गाया जाता है।

Q2. इस भजन का मुख्य भाव क्या है?
Answer: गुरु भक्ति, आत्मज्ञान और आध्यात्मिक प्रेम।

Q3. भजन में “हिण्डो” का क्या अर्थ है?
Answer: “हिण्डो” का अर्थ झूला है, जो प्रेम और आनंद का प्रतीक है।

Q4. इस भजन में “बाग” किसका प्रतीक है?
Answer: “बाग” मानव जीवन और हृदय का प्रतीक है।

Q5. यह भजन हमें क्या सीख देता है?
Answer: सतगुरु की शरण में जाकर जीवन को सफल और शांतिमय बनाना चाहिए।

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