चल हंसा उस देश समद जहां मोती रे लिरिक्स

Chal Hansa Us Desh Samad Jaha Moti Re Lyrics सुंदर निर्गुण भजन आत्मा की परमात्मा से मिलने की यात्रा को दर्शाता है। भजन में “हंसा” आत्मा का प्रतीक है और “मोती वाला समंदर” परमात्मा के दिव्य लोक का प्रतीक माना गया है। यह भजन वैराग्य, आत्मज्ञान और सांसारिक मोह छोड़ने का संदेश देता है।

चल हंसा उस देश समद जहां मोती रे लिरिक्स

चल हंसा उस देश,
समद जहा मोती रे।
मोती समद जहा मोती,
समद जहा मोती रे ॥ टेर॥

चल हंसा उस देश निराला,
बिन शशि भान रहे उजियारा।
जहा लागे ना चोट काल की,
जगामग ज्योति रे ॥ टेर॥

जब चलने की करी तैयारी,
माया जाल फंस्या अतिभारी।
करले सोच विचार घड़ी दोय,
होती रे ॥ टेर॥

चाल पड्या जद दुविधा छूटी,
पिछली प्रीत कुटुंब से टूटी।
हंसा भरी उड़ान,
हंसिनी रोती रे ॥ टेर॥

जाय किया समदर में बासा,
फेर नहीं आवण की आशा।
गावै भानीनाथ,
मोत सिर सोती रे ॥ टेर॥

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Chal Hansa Us Desh Samad Jaha Moti Re Lyrics

Chal hansa us desh,
Samad jaha moti re.
Moti samad jaha moti,
Samad jaha moti re.

Chal hansa us desh nirala,
Bin shashi bhan rahe ujiyara.
Jaha laage na chot kaal ki,
Jagmag jyoti re.

Jab chalne ki kari taiyari,
Maya jaal fansya atibhari.
Karle soch vichar ghadi doy,
Hoti re.

Chaal padya jad duvidha chhuti,
Pichhli preet kutumb se टूटी.
Hansa bhari udaan,
Hansini roti re.

Jaay kiya samadar mein baasa,
Pher nahi aavan ki aasha.
Gaavai Bhaninath,
Mot sir soti re.

Chal Hansa Us Desh Samad Jaha Moti Re Lyrics भजन का अर्थ

यह भजन आत्मा को संसार की मोह-माया छोड़कर परमात्मा की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। “उस देश” का अर्थ है परमधाम या ईश्वर का लोक, जहां दुख, मृत्यु और अंधकार का कोई स्थान नहीं होता।

भजन में कहा गया है कि जब आत्मा इस संसार से जाने की तैयारी करती है, तब वह परिवार, रिश्तों और सांसारिक प्रेम को पीछे छोड़ देती है। यह जीवन की सच्चाई को दर्शाता है कि अंत समय में केवल प्रभु का नाम ही साथ जाता है।

“समद जहां मोती” का अर्थ है वह दिव्य संसार जहां ज्ञान, शांति और परम आनंद रूपी मोती मिलते हैं।

Chal Hansa Us Desh Samad Jaha Moti Re Lyrics भजन का संदेश

यह निर्गुण भजन हमें सिखाता है कि मनुष्य को जीवन रहते आत्मज्ञान प्राप्त करना चाहिए। संसार की माया और मोह में फंसकर व्यक्ति अपने असली लक्ष्य को भूल जाता है।

भजन यह संदेश देता है कि आत्मा अमर है और उसे एक दिन परमात्मा के धाम में लौटना ही है। इसलिए मनुष्य को प्रभु भक्ति, सत्संग और अच्छे कर्मों में अपना जीवन लगाना चाहिए।

भानीनाथ जी इस भजन के माध्यम से बताते हैं कि जो आत्मा परमात्मा में लीन हो जाती है, उसे फिर जन्म-मरण के चक्र में नहीं आना पड़ता। यही इस भजन का सबसे बड़ा आध्यात्मिक संदेश है।

Chal Hansa Us Desh Samad Jaha Moti Re Lyrics FAQs

Q1. Chal Hansa Us Desh Samad Jaha Moti Re Lyrics भजन किस प्रकार का है?
Answer: यह एक निर्गुण और वैराग्य भजन है।

Q2. भजन में “हंसा” का क्या अर्थ है?
Answer: “हंसा” आत्मा का प्रतीक है।

Q3. “समद जहां मोती” का क्या मतलब है?
Answer: इसका अर्थ परमात्मा का दिव्य लोक और आत्मज्ञान का संसार है।

Q4. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
Answer: संसार की माया छोड़कर प्रभु भक्ति और आत्मज्ञान की ओर बढ़ना चाहिए।

Q5. यह भजन हमें क्या सीख देता है?
Answer: जीवन अस्थायी है, इसलिए प्रभु स्मरण और सत्कर्म ही सच्चा मार्ग हैं।

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