कई खेल्या कई खेलसी कई खेल सिधारया लिरिक्स

कई खेल्या कई खेलसी कई खेल सिधारया लिरिक्स यह भावपूर्ण निर्गुण भजन जीवन की अस्थिरता और संसार की नश्वरता को दर्शाता है। भजन में बताया गया है कि इस संसार में अनेक लोग आए, खेले और फिर चले गए। अंत में हर जीव को परमात्मा की ओर लौटना पड़ता है।

कई खेल्या कई खेलसी कई खेल सिधारया लिरिक्स

सखी इण आंगणियै मे ए,
बहन म्हारी इण आंगणियै मे ए ।
कई खेल्या कई खेलसी,
कई खेल सिधारया ए ॥टेर॥

आवो पाँच सहेलियो,
म्हारा सीम दो न चोला ए ।
मै हूँ अबला सूंदरी,
मेरा सहिब भोला ए ॥1॥

एक छिनौला, दूजी कूबड़ी,
तीजी नाजुक छोटी ए ।
नैण हमारा यूँ झरे,
ज्यों गागर फूटी ए ॥2॥

जाय उतारै हरिये बड़ तलै,
संगी कुरलाया ए।
थे घर जाओ भैणा आपणै,
म्हे भया पराया ए॥3॥

काजी में महमद यूँ कया,
अब यहाँ नहीं रहणा ए ।
आया परवाना श्याम का,
सखी यहाँ से चलणा ए ॥4॥

सिंगर: गुलाब नाथ जी

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Kai Khelya Kai Khelsi Lyrics In Hindi

Sakhi in aanganiyai me e,
Bahan mhari in aanganiyai me e.
Kai khelya kai khelsi,
Kai khel sidharaya e.

Aavo paanch saheliyo,
Mhara seem do na chola e.
Main hoon abla sundari,
Mera sahib bhola e.

Ek chhinola, duji koobadi,
Teeji naajuk chhoti e.
Nain hamara yun jhare,
Jyon gagar phooti e.

Jaay utaarai hariye bad talai,
Sangi kuralaya e.
The ghar jao bhaina aapnai,
Mhe bhaya paraya e.

Kaaji to Mahmad yun kaya,
Ab yahan nahi rahna e.
Aaya parwana Shyam ka,
Sakhi yahan se chalna e.

कई खेल्या कई खेलसी कई खेल सिधारया लिरिक्स भजन का अर्थ

कई खेल्या कई खेलसी कई खेल सिधारया लिरिक्स मानव जीवन की सच्चाई को बहुत सरल शब्दों में समझाता है। संसार एक खेल की तरह है, जहाँ लोग कुछ समय के लिए आते हैं, रिश्ते निभाते हैं और फिर इस दुनिया से चले जाते हैं।

भजन में “पाँच सहेलियां” शरीर के पांच तत्वों और इंद्रियों का प्रतीक हैं। “गागर फूटी” का अर्थ है जीवन का अंत होना और शरीर का नश्वर होना।

कई खेल्या कई खेलसी कई खेल सिधारया लिरिक्स भजन का संदेश

यह निर्गुण भजन हमें मोह-माया से दूर रहने और ईश्वर भक्ति में मन लगाने की प्रेरणा देता है। संसार में कोई भी स्थायी नहीं है, इसलिए मनुष्य को अहंकार छोड़कर सत्कर्म और भक्ति का मार्ग अपनाना चाहिए।

भजन का अंतिम भाग यह संकेत देता है कि जब परमात्मा का बुलावा आता है, तब मनुष्य को यह संसार छोड़कर जाना पड़ता है। इसलिए जीवन रहते प्रभु का स्मरण करना ही सबसे बड़ा धन है।

कई खेल्या कई खेलसी कई खेल सिधारया लिरिक्स FAQs

Q1. कई खेल्या कई खेलसी कई खेल सिधारया लिरिक्स भजन किस प्रकार का है?
Answer: यह एक निर्गुण और वैराग्य भजन है।

Q2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
Answer: संसार नश्वर है और अंत में हर जीव को परमात्मा के पास जाना है।

Q3. “पाँच सहेलियां” का क्या अर्थ है?
Answer: यह शरीर की पांच इंद्रियों और पांच तत्वों का प्रतीक है।

Q4. इस भजन में “गागर फूटी” का क्या मतलब है?
Answer: इसका अर्थ जीवन का अंत और शरीर का नाश होना है।

Q5. यह भजन हमें क्या सीख देता है?
Answer: जीवन में भक्ति, सत्संग और अच्छे कर्मों का महत्व समझाता है।

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