Hansa Nikal Gaya Re Kaya Se Lyrics प्रसिद्ध काया हंसला और चेतावनी भजन मानव जीवन की सच्चाई को दर्शाता है। भजन में बताया गया है कि जब आत्मा शरीर को छोड़ देती है, तब यह शरीर केवल एक खाली तस्वीर बनकर रह जाता है। संसार की दौलत, रिश्ते और मोह-माया सब यहीं छूट जाते हैं।
हंसा निकल गया रे काया से लिरिक्स
।। दोहा ।।
ये तन विष की बेल है, सतगुरु अमृत खान।
शीश दिया सतगुर मिले, तो भी सस्ता जान।।
औ हंसा निकल गया रे काया से,
खाली पड़ी रेवे तस्वीर -२
पड़ी रेवे तस्वीर,
खाली पड़ी रेवे तस्वीर।
औ हंसा निकल गया रे काया से।।
कोई मनाया देवी देवता,
कोई पूज्या पीर -२
आया पर्वा ना उसी घर का,
अब जाना पड़ा आखिर।
औ हंसा निकल गया रे काया से।।
कोई रोवे कोई मल मल धोवे,
कोई ओढावे चिर -२
चार जाना मिल मुर्दो उठायो,
ले गया जमाना तीर।
औ हंसा निकल गया रे काया से।।
यम का दूत लवण ने आवे,
मनड़ो करे नहीं धीर -२
मार-मार के प्राण नीकालिया,
जद नैना में छलके नीर।
औ हंसा निकल गया रे काया से।।
माल मूलक की कोड चलाई,
संग नहीं जावे शरीर -२
जाय जंगल में जीता चुनाई,
कह गया दास कबीर।
औ हंसा निकल गया रे काया से।।
औ हंसा निकल गया रे काया से,
खाली पड़ी रेवे तस्वीर -२
पड़ी रेवे तस्वीर,
खाली पड़ी रेवे तस्वीर।
औ हंसा निकल गया रे काया से।।
सिंगर: साँवरी बाई
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Hansa Nikal Gaya Re Kaya Se Lyrics
Ye tan vish ki bel hai, Satguru amrit khan,
Sheesh diya Satgur mile, to bhi sasta jaan.
Au hansa nikal gaya re kaya se,
Khaali padi reve tasveer.
Koi manaya devi devta,
Koi poojya peer,
Aaya parwa na usi ghar ka,
Ab jaana pada aakhir.
Koi rove koi mal mal dhove,
Koi odhave cheer,
Chaar jana mil murdo uthayo,
Le gaya jamana teer.
Yam ka doot lavan ne aave,
Mando kare nahi dheer,
Maar maar ke praan nikaliya,
Jad naina mein chhalke neer.
Maal mulak ki kod chalai,
Sang nahi jaave shareer,
Jaay jangal mein jeeta chunai,
Kah gaya daas Kabir.
Hansa Nikal Gaya Re Kaya Se Lyrics भजन का अर्थ
यह भजन जीवन और मृत्यु के गहरे सत्य को समझाता है। “हंसा” आत्मा का प्रतीक है और “काया” शरीर का प्रतीक है। जब आत्मा शरीर को छोड़ देती है, तब शरीर केवल एक निर्जीव तस्वीर बन जाता है।
भजन में बताया गया है कि लोग जीवनभर देवी-देवताओं और पीरों की पूजा करते हैं, लेकिन मृत्यु आने पर किसी का साथ नहीं मिलता। अंत में हर व्यक्ति को अकेले ही इस संसार से जाना पड़ता है।
“चार जना मिल मुर्दो उठायो” पंक्ति यह दर्शाती है कि मृत्यु के बाद लोग शरीर को श्मशान तक ले जाते हैं, लेकिन आत्मा अपने कर्मों के साथ आगे बढ़ जाती है।
Hansa Nikal Gaya Re Kaya Se Lyrics भजन का संदेश
यह चेतावनी भजन हमें याद दिलाता है कि जीवन अस्थायी है। धन-दौलत, महल, जमीन और रिश्ते मृत्यु के बाद साथ नहीं जाते। केवल भगवान का नाम, सत्कर्म और गुरु की भक्ति ही जीवन को सफल बनाती है।
संत कबीरदास जी इस भजन के माध्यम से कहते हैं कि मनुष्य को अहंकार छोड़कर प्रभु भक्ति करनी चाहिए। मृत्यु निश्चित है, इसलिए जीवन रहते अच्छे कर्म और सत्संग करना ही सच्चा मार्ग है।
Hansa Nikal Gaya Re Kaya Se Lyrics आत्मचिंतन और वैराग्य की प्रेरणा देता है। जो व्यक्ति इस संसार की सच्चाई को समझ लेता है, वही मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है।
Hansa Nikal Gaya Re Kaya Se Lyrics FAQs
Q1. Hansa Nikal Gaya Re Kaya Se Lyrics भजन किस प्रकार का है?
Answer: यह एक काया हंसला और चेतावनी भजन है।
Q2. भजन में “हंसा” का क्या अर्थ है?
Answer: “हंसा” आत्मा का प्रतीक है।
Q3. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
Answer: शरीर और संसार नश्वर हैं, केवल भक्ति और सत्कर्म ही सच्चा धन हैं।
Q4. इस भजन में किस संत का उल्लेख है?
Answer: संत कबीरदास जी का उल्लेख किया गया है।
Q5. यह भजन हमें क्या सीख देता है?
Answer: मृत्यु निश्चित है, इसलिए जीवन में प्रभु भक्ति और अच्छे कर्म करने चाहिए।











