जोबन धन पावना दिन चारा जी लिरिक्स

जोबन धन पावना दिन चारा जी लिरिक्स इन हिंदी एक प्रसिद्ध चेतावनी भजन मनुष्य को यौवन, धन और शरीर के अभिमान से दूर रहने की सीख देता है। भजन में बताया गया है कि संसार की हर वस्तु नश्वर है और केवल भगवान का नाम ही सच्चा सहारा है।

जोबन धन पावना दिन चारा जी भजन लिरिक्स इन हिंदी

दोहा

आया था किस कारणे,
ने सोया चादर तान,
एक दिन जम ले जावसी,
पकड तुम्हारे कान।

जोबन धन पावना दिन चारा जी,
ज्यारो गरब करे सु गिवारा ओ,
जोबन धन पावणा दिन चारा जी।।

अरे हाड मास का बनीया पिंजरा,
अरे हाड मास का बनीया पिंजरा,
भीतर भरीया भंगारा,
ए ऊपर रंग सोने रो लगायो जी,
ऊपर रंग सोने रो लगायो,
कारीगर किरतारा ओ,
जोबन धन पावणा दिन चारा जी,
ज्यारो गरब करे सु गिवारा ओ,
जोबन धन पावणा दिन चारा जी।।

अरे पशु चाम रा बने पनेहा,
पशु चाम रा बने पनेहा,
नोपत मंडे नगाडा जी,
नर तेरी चाम काम नही आवे जी,
नर तेरी चाम काम नही आवे,
बल जल होवे अंगारा,
जोबन धन पावणा दिन चारा जी,
ज्यारो गरब करे सु गिवारा ओ,
जोबन धन पावणा दिन चारा जी।।

दस मस्तक ज्यारी बीस भुजा थी,
दस मस्तक ज्यारी बीस भुजा थी,
रावण के परिवारा जी,
अरे एडा एडा योध्दा धरण मे गलीया,
एडा एडा योध्दा धरण मे गलीया,
लंका के सिरदारा,
जोबन धन पावणा दिन चारा जी,
ज्यारो गरब करे सु गिवारा ओ,
जोबन धन पावणा दिन चारा जी।।

अरे ओ संसार ओस वालो पानी बीरा,
ओ संसार ओ वालो पानी,
जातोनी लागे वारा जी,
कहत कबीर सुनो भई संतो,
कहत कबीर सा सुनो bhai संतो,
भवजल उतरो पारा,
जोबन धन पावणा दिन चारा जी,
ज्यारो गरब करे सु गिवारा ओ,
जोबन धन पावणा दिन चारा जी।।

जोबन धन पावणा दिन चारा जी,
ज्यारो गरब करे सु गिवारा ओ,
जोबन धन पावणा दिन चारा जी।।

Singer: Ramswroop Ji

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Joban Dhan Pavna Din Chara Ji Lyrics

Aaya tha kis kaarane,
Ne soya chaadar taan,
Ek din jam le jaavsi,
Pakad tumhare kaan.

Joban dhan pavna din chaara ji,
Jyaro garab kare su givara o,
Joban dhan pavna din chaara ji.

Are haad maas ka baniya pinjara,
Bheetar bhariya bhangara,
E upar rang sone ro lagayo ji,
Kaarigar kirtaara o.

Pashu chaam ra bane paneha,
Nopat mande nagaada ji,
Nar teri chaam kaam nahi aave ji,
Bal jal hove angaara.

Das mastak jyari bees bhuja thi,
Raavan ke parivara ji,
Eda eda yoddha dharan me galiya,
Lanka ke sirdara.

O sansar os valo paani beera,
Jaato ni laage vaara ji,
Kahat Kabir suno bhai santo,
Bhavjal utaro paara.

जोबन धन पावना दिन चारा जी लिरिक्स इन हिंदी भजन का अर्थ

यह भजन मनुष्य को समझाता है कि यौवन, धन और शरीर कुछ दिनों के मेहमान हैं। इंसान जिस शरीर और दौलत पर घमंड करता है, वह एक दिन मिट्टी में मिल जाते हैं।

भजन में रावण जैसे शक्तिशाली राजा का उदाहरण देकर बताया गया है कि संसार में कोई भी अमर नहीं है। इसलिए मनुष्य को अहंकार छोड़कर भगवान का भजन करना चाहिए।

जोबन धन पावना दिन चारा जी लिरिक्स इन हिंदी भजन का संदेश

यह चेतावनी भजन हमें जीवन की सच्चाई और समय की कीमत समझाता है। संसार का सुख ओस की बूंद की तरह क्षणिक है, जो थोड़ी देर में समाप्त हो जाता है।

भजन की मुख्य सीख यह है कि मनुष्य को मोह-माया छोड़कर सत्संग, भक्ति और अच्छे कर्मों में जीवन लगाना चाहिए, तभी भवसागर से पार पाया जा सकता है।

जोबन धन पावना दिन चारा जी लिरिक्स इन हिंदी FAQs

Q1. जोबन धन पावना दिन चारा जी लिरिक्स इन हिंदी भजन किस प्रकार का है?
Answer: यह एक चेतावनी और वैराग्य भजन है।

Q2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
Answer: यौवन, धन और शरीर नश्वर हैं, इसलिए भगवान का भजन करना चाहिए।

Q3. इस भजन में किसका उदाहरण दिया गया है?
Answer: रावण और उसके परिवार का उदाहरण दिया गया है।

Q4. यह भजन हमें क्या सीख देता है?
Answer: अहंकार छोड़कर भक्ति और सत्कर्म करने चाहिए।

Q5. इस भजन का मुख्य विषय क्या है?
Answer: जीवन की नश्वरता और वैराग्य।

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